मूल प्रसंग
जर्मनी आधुनिक यहूदी विरोधी भावना का केंद्र है क्योंकि पुराने ईसाई यहूदी विरोधी विचार 19वीं सदी के नस्लीय राष्ट्रवाद के साथ जुड़ गए और बाद में नाज़ीवाद की वैचारिक नींव बन गए। 1945 के बाद, होलोकॉस्ट स्मृति सार्वजनिक जीवन का एक निर्णायक हिस्सा बन गई, जबकि यहूदी विरोधी कथाएँ दूर-दराज़, इस्लामवादी, षड्यंत्रकारी और ऑनलाइन उपसंस्कृतियों में बनी रहीं।
आधुनिक संदर्भ
आधुनिक जर्मन यहूदी विरोधी भावना दूर-दराज़ आंदोलनों, इस्लामवादी नेटवर्क, षड्यंत्र के स्थानों और स्मृति, पहचान और इज़राइल पर बहस में दिखाई देती है।